सलवटें

सलवटें

जिंदगी की सच्चाइयों के बीच

झांकते हुए देखा है कुछ

मासूम चेहरों को

ज़िन्दगी की कडुवाहट में सने

देखा है कुछ पुराने चेहरों को

ज़िन्दगी की राहों में

चलने के लिए

आये हुए देखा है कुछ उन

नए चेहरों को

कितना अंतर है

चेहरे की रेखाओं में

उन सलवटों में

जो पड़ चुकी हैं

पड़ रही हैं

और पड़ेंगी

इसका एहसास कुछ

दुखद है

कुछ सुखद है  और

कुछ वलय है


Image by Leroy Skalstad from Pixabay

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